गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के पांच दिवसीय बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में आज प्रश्नकाल होगा और विधायकों के सवालों से सदन में चर्चा का तापमान बढ़ेगा। साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की सात रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समेत चार अहम अध्यादेश भी सदन में पेश करेंगे।
सोमवार को सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया था। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 10.41 प्रतिशत अधिक है। बजट में राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे, महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कई योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया है।
चार अहम अध्यादेश सदन में पेश होंगे
बजट सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री धामी द्वारा चार महत्वपूर्ण अध्यादेश सदन के पटल पर रखे जाएंगे:
- उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) संशोधन अध्यादेश, 2025
- उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश, 2025
- उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2025
- उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2026
इन अध्यादेशों पर सदन में चर्चा होने की संभावना है।
600 से अधिक सवालों से गरमाएगा सदन
इस बार पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने 600 से अधिक सवाल विधानसभा सचिवालय को सौंपे हैं। प्रश्नकाल के दौरान इन सवालों के माध्यम से सरकार से विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों पर जवाब मांगा जाएगा, जिससे सदन में बहस का माहौल गरमाया रहेगा।
विपक्ष के हंगामे की संभावना
सत्र के पहले दिन सोमवार को विपक्ष ने सड़क से लेकर सदन तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सत्र शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और बाहर प्रदर्शन किया। विपक्ष लगातार बजट सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर रहा है। ऐसे में आज भी सदन में विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति अपनाने की संभावना है।
यशपाल आर्य का बयान
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि बजट सत्र सुचारु रूप से चले, लेकिन सरकार सवालों से असहज महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भी मौका मिलेगा, विपक्ष सरकार से जवाब अवश्य मांगेगा।
यशपाल आर्य ने कहा कि राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और अस्पतालों में चिकित्सकों की भारी कमी है। इसके अलावा जमीनों पर कब्जे, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी विपक्ष सरकार से जवाब चाहता है।
उन्होंने कहा कि पंचम विधानसभा के कार्यकाल में अब तक केवल नौ सत्र ही हुए हैं। विपक्ष चाहता है कि सत्र पूरी अवधि तक चले और इसके लिए वह सरकार को सहयोग देने को तैयार है।