उत्तराखंड में जनगणना 2026 को लेकर औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जनगणना की अधिसूचना जारी होते ही राज्य की सभी प्रशासनिक और भौगोलिक सीमाएं सील कर दी गई हैं। अब जनगणना पूरी होने तक किसी भी जिले, तहसील, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत या वार्ड की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
अधिसूचना लागू होने के साथ ही राज्य सरकार के लिए नए नगर निकायों का गठन करना या किसी गांव को नगर निकाय में शामिल करना संभव नहीं रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना के दौरान सीमाओं का स्थिर रहना अनिवार्य है, ताकि जनसंख्या के आंकड़े सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित तैयार किए जा सकें। यदि बीच में सीमाएं बदली जाती हैं, तो जनसंख्या डाटा में गड़बड़ी और मिसमैच की आशंका बढ़ जाती है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीमाएं सील होने से आम नागरिकों को मिलने वाली सार्वजनिक सुविधाओं, विकास कार्यों या सामान्य सरकारी कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह व्यवस्था केवल जनगणना से जुड़े प्रशासनिक ढांचे पर लागू रहेगी।
25 अप्रैल से शुरू होगा जनगणना का पहला चरण
जनगणना का पहला चरण 25 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 24 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान मकानों का सूचीकरण और मकान गणना का कार्य किया जाएगा, जो आगे की जनसंख्या गणना का आधार बनेगा।
बर्फबारी वाले क्षेत्रों में सितंबर में होगी गणना
राज्य के बर्फबारी से प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में जनसंख्या गणना 11 से 30 सितंबर 2026 के बीच कराई जाएगी। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण इन क्षेत्रों के लोग अन्य इलाकों में पलायन कर जाते हैं, इसलिए सितंबर का समय गणना के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है।
तीन चरणों में पूरी होगी जनगणना
- पहला चरण: 25 अप्रैल से 24 मई 2026 – मकान सूचीकरण एवं गणना
- दूसरा चरण: 11 से 30 सितंबर 2026 – स्नोबाउंड क्षेत्रों में जनसंख्या गणना
- तीसरा चरण: 9 से 28 फरवरी 2027 – अन्य क्षेत्रों में देशव्यापी जनगणना के साथ
16 फरवरी से शुरू होगा प्रशिक्षण
जनगणना की तैयारियों के तहत 16 फरवरी से चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। इस चरण में 23 कर्मचारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद प्रदेशभर में 555 फील्ड ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो आगे करीब 4,000 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देंगे। ये सभी मिलकर लगभग 30,000 कर्मचारियों को जनगणना कार्य के लिए प्रशिक्षित करेंगे।
25 मार्च से 7 अप्रैल के बीच 30,000 कर्मचारियों और 4,000 सुपरवाइजरों को चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक बैच में 40 कर्मचारियों को तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड की निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश की सभी प्रशासनिक सीमाएं सील कर दी गई हैं, जो जनगणना पूरी होने तक प्रभावी रहेंगी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और सटीक जनगणना आंकड़ों के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है।