उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष कब खोले जाएंगे, इसका निर्णय बसंत पंचमी के पावन अवसर पर लिया जाएगा। परंपरा के अनुसार शुक्रवार, 23 जनवरी को नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार में आयोजित धार्मिक समारोह के दौरान कपाट खुलने की तिथि का विधिवत ऐलान किया जाएगा। इसको लेकर श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि निर्धारण के साथ ही आगामी चारधाम यात्रा को लेकर भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कपाट खुलने की तिथियां तय होंगी, चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं और कार्ययोजनाओं को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि 23 जनवरी को सुबह साढ़े दस बजे से नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राजमहल में धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। इसी समारोह में इस यात्रा वर्ष के लिए बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की आधिकारिक तिथि घोषित की जाएगी। साथ ही गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि भी तय की जाएगी, जो बदरीनाथ धाम की परंपराओं में विशेष महत्व रखती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समारोह में टिहरी राजपरिवार के महाराजा मनुजयेंद्र शाह की जन्म कुंडली का अवलोकन किया जाएगा। इसके पश्चात राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल पंचांग गणना कर शुभ मुहूर्त निकालेंगे और उसी आधार पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का निर्णय किया जाएगा।
गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की घोषणा के साथ ही देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के लिए चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है और राज्य में धार्मिक पर्यटन गतिविधियां तेज हो जाती हैं।