उत्तराखंड: सीएम धामी की बड़ी सौगात – आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों की पेंशन में बढ़ोतरी, शहीदों पर हेलिकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा

देहरादून,
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष पर शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने देहरादून स्थित कचहरी परिसर के शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को नमन किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह में शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों और आंदोलनकारियों को सम्मानित किया। इस दौरान कचहरी परिसर और पुलिस लाइन के ऊपर से हेलिकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा की गई, जिसने पूरे समारोह को भावनाओं और सम्मान के रंगों से भर दिया।


🌿 “उत्तराखंड राज्य करोड़ों लोगों के तप और बलिदान का परिणाम” – सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि यह देवभूमि के लाखों लोगों के त्याग, संघर्ष और तप का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी घटनाएं हमारे इतिहास के ऐसे दर्दनाक अध्याय हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा, “आंदोलनकारियों के लिए चलाई जा रही पेंशन और अन्य सुविधाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि यह हमारी कृतज्ञता और श्रद्धा का प्रतीक हैं।”


🏵️ मुख्यमंत्री धामी की प्रमुख घोषणाएं

1️⃣ शहीदों के नाम पर नामकरण:
राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कों, भवनों और पार्कों जैसी प्रमुख आधारभूत संरचनाओं का नाम शहीद राज्य आंदोलनकारियों के नाम पर रखा जाएगा।

2️⃣ जेल गए या घायल आंदोलनकारियों की पेंशन में बढ़ोतरी:
राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन या उससे अधिक जेल गए अथवा घायल हुए आंदोलनकारियों की मासिक पेंशन ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 कर दी जाएगी।

3️⃣ अन्य आंदोलनकारियों की पेंशन में सुधार:
जेल या घायल श्रेणी से अलग अन्य आंदोलनकारियों की पेंशन ₹4,500 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति माह की जाएगी।

4️⃣ विकलांग आंदोलनकारियों के लिए विशेष सुविधा:
राज्य आंदोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए आंदोलनकारियों की पेंशन ₹20,000 से बढ़ाकर ₹30,000 प्रति माह कर दी जाएगी।
साथ ही, उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंट की व्यवस्था भी की जाएगी।

5️⃣ शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन में वृद्धि:
शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की मासिक पेंशन ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,500 कर दी जाएगी।

6️⃣ लंबित आवेदन पत्रों के निस्तारण के लिए समय विस्तार:
राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण के लिए वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालय में लंबित आवेदनों के निस्तारण हेतु 6 माह का अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा।

7️⃣ शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण:
राज्य के सभी शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण और पुनर्निर्माण कार्य किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी उत्तराखंड आंदोलन की भावना से प्रेरणा ले सके।


🌸 श्रद्धा और गर्व से भरा समारोह

कार्यक्रम के दौरान पूरा माहौल श्रद्धा और गौरव से ओत-प्रोत रहा। हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा के क्षणों ने सभी को भावुक कर दिया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा,

“उत्तराखंड आंदोलन के सेनानियों का योगदान अमर है। यह राज्य उनके सपनों और त्याग की नींव पर खड़ा है। हमारी सरकार उनके आदर्शों को साकार करने के लिए संकल्पबद्ध है।”

उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिवारों का सम्मान करना सरकार का कर्तव्य ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।