देहरादून। उत्तराखंड की रजत जयंती के अवसर पर 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए देहरादून पुलिस और प्रशासन ने हाई सिक्योरिटी प्लान तैयार कर लिया है। मुख्य समारोह फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI) में आयोजित होगा, जहां किसी भी व्यक्ति को जांच के बिना प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं, सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र में ड्रोन कैमरे उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
🔒 एडीजी ने दिए सख्त दिशा-निर्देश
रेसकोर्स पुलिस लाइन में आयोजित सुरक्षा ब्रीफिंग के दौरान एडीजी इंटेलिजेंस अभिनव कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था में जुटे पुलिस बल को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केवल अधिकृत व्यक्तियों और उनके वाहनों को ही सुरक्षा जांच के बाद एफआरआई परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
🚫 ड्रोन उड़ाने पर सख्त रोक, निगरानी और बढ़ेगी
एडीजी अभिनव कुमार ने बताया कि 9 नवंबर को एफआरआई परिसर और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की उड़ान पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी प्रकार की अनधिकृत ड्रोन गतिविधि को सुरक्षा उल्लंघन माना जाएगा। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आसपास के ऊंचे भवनों, जल टंकियों, तथा अन्य संवेदनशील स्थानों की बीडीएस (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड टीमों से गहन जांच कराई जाए।
🛡️ वीवीआईपी सुरक्षा में नहीं होगी कोई चूक
एडीजी ने कहा कि प्रधानमंत्री से मिलने वाले व्यक्तियों की भी पूरी तरह से जांच और निगरानी की जाएगी। आम नागरिकों के प्रवेश और निकास के लिए निर्धारित गेट बनाए गए हैं, जहां प्रत्येक व्यक्ति की कड़ी जांच की जाएगी। किसी को भी कार्यक्रम स्थल के भीतर कोई निजी सामान ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
👥 भीड़ प्रबंधन और रूट मॉनिटरिंग की तैयारी पूरी
सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद निकलने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले से पर्याप्त बल तैनात रहे। सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर निर्धारित समय से तीन घंटे पहले पहुंचेंगे। वीवीआईपी मार्ग का विशेष निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि रास्ते में कोई निर्माण सामग्री या अवरोधक न हो।