श्री बदरीनाथ धाम के दर्शनों की अनुमति को लेकर साधु संत समाज की और से “मौनी महाराज” बैठे आमरण अनशन पर



जोशीमठ

स्थानीय लोगों को श्री बदरीनाथ धाम के दर्शनों की अनुमति को लेकर साधु संत समाज की और से “मौनी महाराज” बैठे आमरण अनशन पर
ठण्ड और शीतलहर के बीच बदरी पुरी से आमरण अनशन की बड़ी खबर है। सरकार के आश्वासन के बाद भी बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा का अभी तक भी संचालन न होने से क्षुब्ध संत समाज ने बदरीनाथ धाम में फिर से आंदोलन शुरु कर दिया है। चार धाम यात्रा खोलने की माँग को लेकर यहाँ जन आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार। बदरीनाथ धाम में अब आज से साधु संत की और से मौनी महाराज बाबा बैठे आमरण अनशन पर। मौनी बाबा महाराज की मांग है की सभी को भगवान बदरी विशाल के दर्शन करने की अनुमति मिले।

उन्होंने कहा कि अब अनशन बदरीनाथ भगवान के दर्शनों के बाद ही तोड़ा जाएगा। मौनी बाबा और धर्मराज भारती ने 23 मई से धाम के दर्शनों की मांग पर अपना आमरण अनशन किया था। सात जून को तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने मौनी बाबा को आश्वासन दिया था, जिसके बाद उन्होंने अपना आमरण अनशन स्थगित कर दिया था, लेकिन अभी तक भी स्थानीय लोगों और साधु संतों के लिए बदरीनाथ धाम के दर्शनों की अनुमति नहीं मिल पाई है। जिससे फिर से मौनी बाबा ने अपने आश्रम में आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

मौनी महाराज ने कहा की सरकार अपना विशेष अधिकार के तहत स्थानीय लोगों को बदरीनाथ धाम के दर्शन की अनुमति दे सकती है।आज से हम संत समाज की अगवाई में अपनी एक सूत्रीय माँग भगवान बदरीनाथ जी के दर्शन की स्थानीय लोगों को अनुमति को लेकर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं।अगर हमें कुछ भी होगा उसकी जिम्मेदारी स्वयं सीएम साब और जिला प्रसाशन की होगी।

उन्होंने कहा कि यदि अनशन के दौरान उन्हें कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार जिला प्रशासन के साथ ही मंडल आयुक्त, मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री स्वयं होंगे। वहीं, धाम में बदरीश संघर्ष समिति की ओर से भी चारधाम यात्रा के संचालन की मांग पर क्रमिक धरना चल रहा है।