मनमोहन भट्ट
उतरकाशी
रामचंद्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में भारतीय स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रभारी प्राचार्य प्रोo वसन्तिका कश्यप ने स्वाधीनता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की ।

इस अवसर पर सामाजिक दूरी के मानकों के अनुसार कार्यक्रम संचालक डॉo दिवाकर बौद्ध ने निदेशक, शिक्षा निदेशालय का संदेश वाचन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो० वसंतिका कश्यप द्वारा किया गया। इस मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत को स्वतंत्रता दिलाने वाले आजादी के महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करना है।
प्रारंभिक सत्र के मुख्य वक्ता डॉ० आकाश चंद्र मिश्रा ने नमक सत्याग्रह की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर व्याख्यान प्रस्तुत दिया। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक दांडी यात्रा की शुरुआत 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी के नेतृत्व में 78 स्वयंसेवकों के साथ साबरमती आश्रम से डांडी (गुजरात) के लिए प्रारंभ किया गया था। यह पैदल यात्रा 47 गांवों से गुजरती हुई 390 किलोमीटर की दूरी 24 दिन में पूरी की गई थी। 5 अप्रैल को डांडी पहुंचने के उपरांत गांधीजी ने एक मुठी नमक बनाकर इस कानून को तोड़ा था। मध्य सत्र में बनस्पति विज्ञान से डॉ० ऋचा बधानी के द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी युग का योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

गोष्ठी के पश्चात महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान भी चलाया गया । राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट द्वारा शहरी क्षेत्र के जन सामान्य के बीच कोरोना बचाव एवं वैक्सीन उपयोगिता से संबंधित जागरूकता अभियान भी चलाया गया ।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक डॉo डीo डीo पैन्यूली, डॉo डीo पीo पांडेय, डॉo नंदी गड़िया, डॉo सुरेंद्र, डॉo विनीता कोहली, एन सी सी अधिकारी लेo आकाश मिश्र, डॉo महेंद्र सिंह परमार, डॉo विश्वनाथ राणा, डॉo बचन लाल एवं अन्य प्राध्यापक, कर्मचारी गण, राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट उपस्थित रहे।