श्रम विभाग की बेशर्मी और भ्रष्टाचार की यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी शैलेंद्र सिंह रावत ने खोली पोल


भाष्कर द्विवेदी

पौड़ी

उत्तराखंड श्रम विभाग का भ्रष्टाचार पूरे उत्तराखंड राज्य के बच्चे बच्चे की जुबान पर है और विभागीय मंत्री द्वारा जिस तरह से श्रम विभाग से अपनी पूत्रवधू के एनजीओ को धन आवंटन और विभागीय योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया था वो भी विगत वर्षों में चर्चा का विषय बना हुआ था पूरे उत्तराखंड राज्य में और अभी कुछ दिनों पहले राजधानी देहरादून से करोड़ों रुपए की जंग खा रही साइकिलों का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि आज पुनः यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र भ्रमण पर निकले कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व भाजपा विधायक कोटद्वार शैलेन्द्र सिंह रावत ने लोक निर्माण विभाग के ऑफिस लक्ष्मण झूला में सड़ रही श्रम विभाग की राशन, लाखों रुपये के कम्बल, सेनेटाइजर, साबुन जिसको कोरोना काल मे गरीबों में बांटा जाना था उसको लोकनिर्माण विभाग के आफिस से ताला तोड़कर सार्वजनिक किया |

आपको बताते चलें कि इस प्रकरण पर बहुत दिनों से चर्चाएं चल रही थी कि जरूरतमंदों के हक और जरूरतमंदों को कैद किया जा चुका है आगामी विधानसभा चुनाव में वोट खरीदने के लिए निवर्तमान विधायक यमकेश्वर द्वारा जिसके आज पोल खुल गई, आखिर सावल पैदा होता है कि गरीबों के राहत कोष का तरह यह समान वर्तमान विधायक यमकेश्वर और उसके चहेतों ने इस तरह से छिपाकर और गरीबों का हक़ मारकर सड़ा दिया इस मामले पर जिला प्रशासन और उत्तराखंड सरकार किस पर कार्रवाई करेगी , क्या लोकनिर्माण विभाग से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा या कोई उचित कार्रवाई होगी, आपको बताते चलें कि करीब एक साल से विधायक यमकेश्वर और भाजपा के कार्यकर्ताओं का कब्जा इस गेस्ट हाउस पर बना हुआ था और संबंधित विभाग आंखें मूंद कर सोया हुआ था ।