सुभाष पिमोली
थराली
लम्बे समय से थराली को जिला बनाने की माँग होती रही लेकिन अब 2022 विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही थराली को जिला बनाने का चुनावी मुद्दा गरमाने लग गया | पूर्व विधायक डॉ जीत राम ने थराली को जिला बनाने को लेकर अपना इस्तीफा तक दे डाला था, तब उन्हें समझा बुझा कर ये कह कर शांत कर दिया था कि ज़ब भी जिला बनेगा थराली का नाम सबसे पहले रखा जायेगा | पर तब से अब तक नए जिले नहीं बन पाए, जहाँ अब थराली विधायक ने जीत राम पर तंज कसते हुए कहा उन्होंने जिला क्यों नहीं बनाया |
क्या इस्तीफा देना नौटंकी थी वही जीत राम भी कहाँ पीछे रहते उनका कहना है जहाँ राज्य मे डबल इंजन की सरकार साढ़े चार वर्षो से क्या कर रही है | मेने तो थराली जिला बनाने की पहल की थी बर्तमान विधायक ने एक बार भी नहीं कहा थराली को जिला बनाउंगी अभी भी समय है विधायक चाहे तो थराली को जिला बना सकती है |
वही बात करते थराली को सर्वप्रथम जिला बनाने की मांग अविभाजित उत्तर प्रदेश में तत्कालीन बद्री केदार विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रताप सिंह पुष्पावाण ने उत्तर प्रदेश की विधानसभा में 1979 मे उठाई थी।
तब सदन में विधायक की इस मांग को गंभीरता से लिया और भविष्य में जिलों के गठन पर थराली को प्राथमिकता के आधार से जिला बनाए जाने की बात कही गई थी। अविभाजित उत्तर प्रदेश में चमोली जिले काे भौगोलिक दृष्टि से प्रदेश का सबसे बड़ा जिला था, इसीलिए भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पिंडरघाटी की जनता ने क्षेत्र को जिला बनाने की मांग शुरू की थी। यहां के लोगों ने वर्ष 1988, 1995, 1996, 1998, 2002, 2006 एवं 2012 में जिले की मांग को लेकर कई आंदोलन किए हैं। वर्ष 1992 में तो पिंडर घाटी के युवाओं ने संगठित होकर 22 दिनों तक जिले की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर आमरण अनशन भी किया था। तब उत्तर प्रदेश के पर्वतीय विकास मंत्री बर्फियां लाल जुवाठा ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया था कि जिलों का गठन होगा तो थराली को प्राथमिकता दी जाएगी। बाद में मायावती ने रुद्रप्रयाग को जिला बना दिया था और थराली के लोगों मे तब काफी मायूसी हाथ लगी ।
उसके बाद जिले की मांग के लिए पूर्व विधायक ने प्रोफ़ेसर जीतराम ने जन दबाव के बाद अपनी विधायकी के दौरान थराली को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर अपना त्यागपत्र भी विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया था। तब भी उन्हें आश्वस्त किया गया था कि जब भी जिले बनेगे थराली को प्राथमिकता दी जाएगी। बावजूद इसके कई वर्ष बीत गए जिले की मांग भविष्य के गर्त में चली गई।
अब यहां के लोग इस बात पर भी चर्चा करने लग गए कि कभी थराली जिला बन भी पाएगा या नहीं। क्या यहां के प्रतिनिधि जिले की मांग को भूल गए या मांग को केवल चुनावी घोषणाओ तक ही रख रहे है पूर्व विधायक डॉ जीत राम ने फिर एक बार कहा कि अगर हमारी सरकार बनती है हो थराली को जिला बनाएंगे और वे अपने मेनोफेस्टो मे इस को प्रमुखता से रखेंगे अभी चुनाव होने मे 6 माह का समय बचा है क्या डबल इंजन की सरकार थराली को जिला बना पाएगी ये भी यहां की जनता मे उत्सुकता बनी है।