कम हाइट पर भी सेब का किया उत्पादन, किसानों के लिए है एक उदाहरण


मनमोहन भट्ट

उतरकाशी

उतरकाशी जिला मुख्यालय से लगे लक्षेश्वर में रूट स्टॉक प्रणाली पर आधारित सेब की दो प्रजाति डार्क बेरोन गाला एवं स्कारनेट का उत्पादन हो रहा है। लक्षेश्वर में अजय पुरी द्वारा इस प्रजाति के करीब ढाई सौ पेड़ लगाएं गए है जिसमें 100 पेड़ों ने सेम्पल दिया है। जनपद मुख्यालय के नजदीक इस प्रजाति के सेब का उत्पादन पहली बार हुआ है। नई तकनीक से इसी वर्ष मार्च में पौध रोपित की गई और मई में सेब के पेड़ में फल लगने भी शुरू हो गए।

 शुक्रवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लक्षेश्वर में अजय पूरी द्वारा स्थापित सेब के बगीचे का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने कहा कि उद्यान विभाग से समन्वय करते हुए जो प्रयास श्री पुरी ने किए हैं वह किसानों के लिए एक उदाहरण है। कम हाइट पर भी सेब का उत्पादन कर आजीविका के क्षेत्र में नया स्रोत स्थापित किया है। कम उच्चीय क्षेत्र में भी लोग सेब के बगीचे लगा कर अपना रोजगार बढ़ा सकते है। तथा  आजीविका का संवर्धन कर सकते है। सेब उत्पादन के क्षेत्र मोरी के बागवानों द्वारा काफी बेहतर कार्य किये है। इसी तरह इस क्षेत्र में भी सेब के प्लांटेशन के कार्य हो तो निश्चित ही किसानों की आय बढ़ेगी l

    इस दौरान मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ रजनीश,बागवान सुभाष कुमाई,सचिव रेडक्रॉस शैलेन्द्र नोटियाल मौजूद थे।