कोटद्वार
कोटद्वार में आशा कार्यकर्ती झंडा चौक में एकत्र होकर रैली निकालते हुए मख्य मार्गो से होकर तहसील परिसर पहुंची। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया और उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
सलिफ़ा बेगम आशा कार्यकत्री का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने दस हजार कोविड भत्ते की घोषणा 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर की थी, लेकिन कोई पैसा अभी तक आशाओं के खाते में नहीं आया है, जो कि वदा खिलाफी है। ऐसे में आशा सिर्फ जिस काम के लिये रखी गयी है | उन्होंने कहा की अब वह सिर्फ काम करेंगी कोविड़ की ड्यूटी नही करेंगी।
उक्त समस्याओं के मद्देनजर सीटू से संबद्ध उत्तराखण्ड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन व संयुक्त रूप से ब्लॉक मुख्यालयों पर राज्यस्तरीय धरना – प्रदर्शन के माध्यम से आपसे मांग करी आशा वर्करों को सरकारी सेवक का दर्जा और न्यूनतम 21 हजार वेतन लागू किया जाय। अगर सरकार हमारी मांगो को पूरा नही करती है तो हम हड़ताल कर अनिश्चितकालीन धरने पर जाना पड़ेगा।