प्रधान संघ के आरोपों पर तहसीलदार टनकपुर का बयान आया समाने

टनकपुर- चम्पावत।
अशोक सरकार


टनकपुर एसडीएम हिमांशु कफलटिया से सोमवार को टनकपुर बनबसा के ग्राम प्रधानों ने भाजपा नेता के साथ मिल जहां तहसीलदार टनकपुर पर युवाओ के पर्वतीय प्रमाण पत्रों को जानबूझ कर लंबित करने का आरोप लगाया था।साथ ही जिलाधिकारी को ज्ञापन भेज तहसीलदार पर कार्यवाही की मांग की थी।वही अब इस मामले में टनकपुर तहसीलदार डॉ ललित मोहन तिवारी ने प्रधानों के आरोप निराधार बता शासनादेश के तहत सभी लोगो को प्रमाण पत्र जारी करने की बात कही है।


तहसीलदार डॉ ललित मोहन तिवारी के अनुसार वह शासनादेश के तहत प्रमाण पत्रों का निर्गत कर रहे हैं। उन पर लगाये गये आरोप मिथ्या और बेबुनियाद है। उनके द्वारा किसी के भी प्रमाण पत्र को नहीं रोका जा रहा है। शासनादेश के शासनादेश के तहत जिन प्रमाण पत्रों के दस्तावेज अपूर्ण है सिर्फ उन्हीं को जारी नही किया गया है।जो कि नियम व कानून के अनुरूप ही किया गया है।


वही इस सम्बन्ध में तहसीलदार डा० ललित मोहन तिवारी ने बताया कि इस शासनादेश के बारे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बताया गया है।साथ ही जिलाधिकारी को समूचे मामले से अवगत भी करा दिया गया है। शासनादेश के मानकों के अनुरूप प्रमाण पत्तों को किसी भी दशा में रोका नहीं जाएगा। पर्वतीय व जाति प्रमाण पत्रों में अलग अलग शासनादेश व माननीय कोर्ट के निर्णय है।जिनके अनुरूप ही प्रमाण पत्र निर्गत करते है।पर्वतीय प्रमाण पत्रों की पात्रता में टनकपुर बनबसा क्षेत्र के मैदानी क्षेत्र को जहां नही रखा गया है।साथ ही जाती प्रमाण पत्र मामले में रविन्द्र जुगरान की रिट पर कोर्ट द्वारा स्वयं 1985 से उत्तराखण्ड में निवासरत लोगो को प्रमाण पत्र का पात्र माना गया है।इसलिए प्रधान संघ टनकपुर बनबसा के आरोप मिथ्या व निराधार है।