योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बढ़ती आबादी पर नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश की नई जनसंख्या नीति को जारी कर दिया है। इस नीति के तहत जनसंख्या नियंत्रण का फार्मूला तैयार किया गया है।
राज्य विधि आयोग द्वारा तैयार ड्राफ्ट में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कड़ी सिफारिशों की वकालत की गई है। माना जा रहा है कि इसे सख्ती से लागू करने के लिए विधि आयोग की कुछ सिफारिशों को भी मंजूरी मिल सकती है।
ड्राफ्ट में कहा गया है कि दो से अधिक बच्चे वाले व्यक्ति का राशन कार्ड चार सदस्यों तक सीमित होगा और वह किसी भी प्रकार की सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने का पात्र नहीं होगा।
कानून लागू होने के सालभर के भीतर सभी सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय निकाय चुनाव में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को एक शपथपत्र देना होगा,कि वे नियम का उल्लंघन नहीं करेंगे। यह शपथपत्र देने के बाद अगर वह तीसरा बच्चा पैदा करते हैं तो इसके प्रारूप में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति रोकने और बर्खास्त करने तक की सिफारिश की गई है।
उल्लेखनीय है कि चिकित्सा विज्ञान में हुई प्रगति से आज मानव जाति के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। देश में प्रति व्यक्ति जीवन प्रत्याशा में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।
लिहाजा मौत पर लगाम लगाने के साथ जन्म पर भी लगाम लगानी होगी। एकतरफा लड़ाई महंगी पड़ेगी। हमने मौत का दरवाजा तो छोटा कर दिया है, लेकिन जन्म दर पुरानी रफ्तार से ही बढ़ रहा है।