बागेश्वर कपकोट सुमगढ़ के सुंदर ऐठाणबड तोक में एक परिवार के तीन लोग जिंदा दफन

कपकोट बागेश्वर

जितेंद्र कुमार के साथ कमल कोरंगा की रिपोर्ट

बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील के सुमगढ गांव में मलवा आने से एक मकान के दबने की आशंका | जिसमें परिवार के तीन सदस्यों के दबे होने की आंशका है | एस डी आर एफ की टीम घटना स्थल की ओर रवाना हुई रेस्क्यू जारी |

कपकोट तहसील के अंतर्गत आने वाले सुमगढ़ ऐठाण गांव में रात को भारी बारिश की वजह से एक मकान ढह गया। मलबा आने से आवासीय भवन जमींदोज हो गया है | बताया जा रहा है कि पहाड़ी से मलबे के आने के कारण घर में रह रहे एक ही परिवार के दो से तीन सदस्यों के दबे होंने की आशंका जताई जा रही है |

देर रात हुई भारी बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा आवासीय भवन पर आने से भवन जमींदोज हो गया, जिस कारण उसमे रहने वाले एक ही परिवार के पति पत्नी और उनका बच्चा मलबे में दब गए हैं |

ग्रामीणों ने सुबह मलबा हटाने का प्रयास तो शुरू किया | वहीँ मौके पर तहसीलदार कपकोट को आज सुबह मामले की जानकारी मिली तो राजस्व पुलिस,एसडीआरएफ, चिकित्सक टीम व एएंबुलैंस को मौके के लिए रवाना किया गया है। फिलहाल रेस्क्यू आपरेशन जारी है।

सुमगढ़ के सुंदर ऐठाणबड तोक में भू स्खलन से एक परिवार के तीन सदस्य जिंदा दफन हो गए इन सदस्यों में गोविंद सिंह पांडा पुत्र प्रताप सिंह पांडा उम्र लगभग 35 वर्ष , खष्टी पांडा पत्नी गोविंद सिंह पांडा उम्र 32वर्ष लगभग,और पुत्र हिमांशु पांडा उम्र 5वर्ष लगभग के रूप में पहचान की गई जबकि इस दंपति का एक अन्य पुत्र गुलशन पांडा उम्र 12 वर्ष इस आपदा के मौत को मात देकर निकल गए देर रात की इस आपदा से क्षेत्र पंचायत सदस्य के सहयोग व स्थानीय लोगो द्वारा परिवार के सदस्यों का शव निकाला गया |

प्रशासन को सूचना मिलते ही एस डी आर एफ की टीम कपकोट से रवाना हो चुकी है इससे पूर्व में भी सुमगढ़ में ऐसी घटना 18 अगस्त 2010 को एक स्कूल में हो चुकी है जिसमे 18 बच्चे जिंदा दफन हो गए थे इसके बाद भी इन पहाड़ी क्षेत्रों पर कोई ठोस कदम किसी भी सरकार द्वारा नही उठाया गया अभी भी यह पूरा गांव आपदा की जद में है कई घरों की स्थिति ऐसी बानी हुइ है न जाने उन पर आपदा कब तक न आ जाय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में रात भर नही सो पाते आपदा के खतरा बना रहता है